एलपीजी वितरकों ने मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन कमीशन में ₹75 की अंतरिम वृद्धि सहित सात सूत्रीय मांगें, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी। दिनांक, 29 सितंबर 2026एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों से जुड़े एलपीजी वितरकों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इसी क्रम में 21 सितंबर 2026 को जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर वितरकों की समस्याओं के निराकरण की मांग की गई।ज्ञापन में बताया गया कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड एवं भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के एलपीजी वितरक 1 सितंबर 2026 से विभिन्न चरणों में आंदोलन कर रहे हैं। एसोसिएशन के अनुसार आंदोलन के प्रथम चरण में वितरकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया है। इसके बाद 21 सितंबर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, 5 अक्टूबर को देशव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस, 6 अक्टूबर को ‘नो मनी-नो इंडेंट’ आंदोलन, 26 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन तथा इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
कमीशन में ₹75 की अंतरिम वृद्धि की मांग
एलपीजी वितरकों ने प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभार में ‘डी नोवो स्टडी’ की अनुशंसा के अनुरूप तत्काल ₹75 की अंतरिम वृद्धि किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई है। इसके साथ ही ई-केवाईसी के लिए प्रत्येक प्रक्रिया पर सार्वजनिक तेल कंपनियों से ₹236 का भुगतान वितरकों को किए जाने की मांग रखी गई है।
एनएफआर/एआरबी और नॉन-डोमेस्टिक सिलेंडर के टारगेट का विरोध
ज्ञापन में एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि वितरकों पर एनएफआर/एआरबी उत्पादों की बिक्री के लिए दबाव बनाया जाता है। उन्होंने संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा वितरकों को ऐसे उत्पाद बेचने के लिए बाध्य नहीं करने की मांग की है। इसके अलावा नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी सिलेंडर की बिक्री के लक्ष्य दिए जाने और इंडेंट में कथित रूप से जबरन संशोधन किए जाने की व्यवस्था को समाप्त करने की मांग भी की गई है।
पीएनजी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग
एलपीजी वितरकों ने पीएनजी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा नए घरेलू गैस कनेक्शन की प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पीएनजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से घरेलू एलपीजी कनेक्शनों पर प्रभाव पड़ा है। साथ ही विक्रय अधिकारियों द्वारा एमडीजी के नाम पर वितरकों पर कथित दबाव बनाए जाने की शिकायत करते हुए इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने की मांग की गई है।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील
एसोसिएशन ने राष्ट्रपति से एलपीजी वितरकों की मांगों पर हस्तक्षेप करने तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। ज्ञापन में विशेष रूप से होम डिलीवरी प्रभार एवं प्रशासनिक शुल्क में ₹75 की अंतरिम वृद्धि सहित अन्य मांगों के शीघ्र निराकरण की अपील की गई है।

