ग्राम पंचायत भानपुर नंबर 2 के ग्राम खिरवा, में एकमात्र रूढ़िगत रास्ते पर अवरोध,ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई रास्ता बहाल कराने की गुहार,
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी। ग्राम पंचायत भनपुरा नंबर-2 क्षेत्र के ग्राम खिरया टोला को ग्राम बिचुआ से जोड़ने वाले एकमात्र रूढ़िगत रास्ते को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। रास्ते पर कथित अवरोध के कारण ग्रामीणों, किसानों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्राम पंचायत भनपुरा नंबर-2 की ओर से कलेक्टर को आवेदन देकर मामले की जांच एवं रास्ते को बाधामुक्त कराने की मांग की गई है।
ग्राम पंचायत द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, उक्त मार्ग का उपयोग दोनों ग्रामों के ग्रामीण लंबे समय से करते आ रहे हैं। इसी रास्ते से आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक, माध्यमिक एवं हाईस्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं के साथ किसान भी आवागमन करते हैं। पंचायत के अनुसार करीब 25 वर्ष पूर्व इस मार्ग पर ग्राम पंचायत द्वारा कार्य कराया गया था, जबकि लगभग 10 वर्ष पूर्व आरईएस विभाग द्वारा भी शासकीय स्तर पर मार्ग पर कार्य कराया गया था।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि खसरा क्रमांक 523 से संबंधित निजी भूमि के वारिस द्वारा रास्ते पर आवश्यक निर्माण कार्य कराने में बाधा डाली जा रही है। पंचायत का कहना है कि पूर्व में जेसीबी से रास्ते को खोदकर आवागमन बाधित किए जाने की स्थिति भी बनी थी। वर्तमान में सीसी रोड निर्माण तथा नल-जल योजना के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी प्रभावित होने की बात कही गई है।
राजस्व अभिलेखों की जांच और सीमांकन की मांग
ग्राम पंचायत ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व विभाग एवं आरईएस के अधिकारियों की संयुक्त टीम से मौके का निरीक्षण कराया जाए। साथ ही पुराने राजस्व अभिलेखों की जांच एवं आवश्यक सीमांकन कराया जाए, ताकि मार्ग की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
पंचायत ने करीब 25 वर्ष पूर्व पंचायत तथा लगभग 10 वर्ष पूर्व आरईएस द्वारा कराए गए कार्यों के अभिलेखों की भी जांच कराने की मांग की है। पंचायत का कहना है कि यदि जांच में उक्त मार्ग रूढ़िगत अथवा सार्वजनिक रास्ता पाया जाता है, तो नियमानुसार उसे बाधामुक्त कराते हुए ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं के सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा सीसी रोड एवं नल-जल योजना के पाइपलाइन कार्य को पूरा कराने की अनुमति दी जाए।
ग्राम पंचायत का कहना है कि रास्ता दोनों गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में सार्वजनिक हित और ग्रामीणों, किसानों तथा विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए मार्ग का सुचारु रहना आवश्यक है!

