कटनी जिले में अवैध शराब की बिक्री पर लगे रोक, भीम आर्मी ने एसपी को सौंपा ज्ञापन बड़वारा, कुठला और स्लीमनाबाद थाना क्षेत्रों के कई गांवों में अवैध शराब कारोबार संचालित होने का आरोप, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी। दिनांक,03 नवंबर 2026कटनी जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कथित रूप से धड़ल्ले से हो रही अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन जिला कटनी ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन में संगठन ने बताया कि जिले के कई गांवों में अवैध रूप से शराब की बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ ही सामाजिक वातावरण और परिवारों की स्थिति भी प्रभावित हो रही है। संगठन ने पुलिस प्रशासन से संबंधित क्षेत्रों में जांच कराकर अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।ज्ञापन में बड़वारा थाना क्षेत्र के ग्राम सकरीगढ़ में अधिकेश केवट एवं दिनेश रजक, ग्राम बडेरा में लल्लू गोटिया तथा ग्राम भदोरा और बंदरी में अवैध शराब बिक्री होने की शिकायत दर्ज कराई गई है।इसी प्रकार कुठला थाना अंतर्गत बिलहरी चौकी के ग्राम बिलहरी में विनोद चक्रवर्ती, ग्राम बरखेड़ा के भटिया मोहल्ले में अतुल चौधरी एवं सुजान पटेल तथा ग्राम इमलाज में फूलबाई यादव एवं गुलशन यादव के विरुद्ध अवैध शराब बिक्री के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है।वहीं स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत ग्राम गुदरी (तेवरी) में अभिषेक खटीक,गुंडा खटीक एवं कलुआ खटीक के नामों का उल्लेख करते हुए अवैध शराब बिक्री की शिकायत की गई है।भीम आर्मी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि ज्ञापन में उल्लेखित सभी स्थानों पर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा शिकायतों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित थाना प्रभारियों एवं अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।इस संबंध में भीम आर्मी जिला अध्यक्ष संदीप चौधरी ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस प्रशासन को जनहित में इस मामले पर शीघ्र संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रकाशन संबंधी सावधानी: समाचार में जिन व्यक्तियों के नाम
दिए गए हैं, उनके विरुद्ध आरोप ज्ञापन में लगाए गए हैं। इसलिए समाचार में उन्हें दोषी घोषित करने के बजाय शिकायत और जांच की मांग के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

