मातृ-शिशु मृत्यु रोकने कलेक्टर आशीष तिवारी सख्त, लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों पर होगी कार्रवाई कन्हवारा में मातृ मृत्यु के मामलों की जांच के लिए जाएगी जिला स्तरीय टीम,स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लापरवाही पर वेतन कटौती के निर्देश
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी। जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी नियंत्रण, गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति बढ़ाने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख्त निर्देश दिए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्होंने मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
कन्हवारा में मातृ मृत्यु के मामलों की होगी जांच
मातृ मृत्यु की सभी के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने कन्हवारा विकासखंड में मातृ मृत्यु के मामलों पर गहन नाराजगी जाहिर करते हुए जिला स्तरीय टीम भेजकर निरीक्षण कराने और आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर उनके समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीपीएम एवं बीसीएम को नियमित फील्ड विजिट कर गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, उचित प्रबंधन और एएनएम, सीएचओ तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराने को कहा। महिला चिकित्सक पदस्थ होने वाली स्वास्थ्य संस्थाओं में उन्हें मेटरनिटी विंग का प्रभारी बनाने तथा महिला स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए रात्रिकालीन शिफ्ट में सुरक्षा गार्ड तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।
एमसीएच भवन के ड्रेनेज कार्य में सुधार के निर्देश
जिला चिकित्सालय कटनी के एमसीएच भवन के ड्रेनेज में निम्न गुणवत्ता के निर्माण कार्य से हुई क्षति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों से सुधार कार्य कराने तथा कार्य पूरा होने तक उनकी सुरक्षा निधि वापस नहीं करने के निर्देश सिविल सर्जन को दिए।
108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस की उपलब्धता पर जोर
समीक्षा में सामने आया कि संजीवनी 108 एंबुलेंस एवं जननी एक्सप्रेस समय पर उपलब्ध नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंचने में देरी होती है। 17 अक्टूबर 2026 की स्थिति में जिले के 38 वाहनों में से 10 वाहन ऑफ रोड पाए गए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जननी एक्सप्रेस उपलब्ध नहीं होने पर बीएलएस वाहन से महिला हितग्राही को अस्पताल पहुंचाया जाए। वाहनों की समस्या के संबंध में एमडी एनएचएम को पत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए।
शिशु मृत्यु रोकने और टीकाकरण बढ़ाने पर जोर समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया की शिशु मृत्यु के अधिकतर
मामले जन्म के सात दिनों के भीतर होने के मद्देनजर कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी आशा, एएनएम एवं सीएचओ को नवजात शिशुओं की निर्धारित समय पर एचबीएनसी देखभाल सुनिश्चित करने को कहा। प्रसव केंद्रों में वार्मर एवं फोटोथैरेपी मशीनों का शत-प्रतिशत उपयोग करने और खराब उपकरणों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। पांच वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण बढ़ाने के लिए वीएचएनडी सत्रों की पुनर्समीक्षा कर पांच दिनों में रिपोर्ट मांगी गई।
लापरवाही पर 5 स्वास्थ्य कर्मियों के,वेतन कटौती के निर्देश
स्वास्थ्य कार्यक्रमों में न्यूनतम प्रगति पर कलेक्टर ने एएनएम कविता धुर्वे, भागवती प्रजापति और सीएचओ आरती चक्रवर्ती का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। एएनएम शशिप्रभा राव का तीन दिन तथा सीएचओ योगिता शुक्ला का पांच दिन का वेतन काटने को कहा गया। बैठक में अनुपस्थित रहने और कार्य में लापरवाही के मामलों में संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगने के निर्देश भी दिए गए।उसके अतिरिक्त प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं के कम पंजीयन की समस्या दूर करने के लिए समग्र आईडी बनवाने, आयरन इंजेक्शन का उपयोग बढ़ाने, रीठी विकासखण्ड को द्विपक्षीय अंधत्व-मुक्त घोषित करने संबंधी प्रस्ताव राज्य स्तर पर भेजने तथा उमरियापान एवं निपनिया की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।

