बरही इंडियन पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में मनाई गई डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती दीप प्रज्वलन कर अर्पित किए श्रद्धासुमन, विद्यार्थियों को बताए मिसाइल मैन के प्रेरणादायी जीवन और विचार

 बरही इंडियन पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में मनाई गई डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती,

दीप प्रज्वलन कर अर्पित किए श्रद्धासुमन, विद्यार्थियों को बताए मिसाइल मैन के प्रेरणादायी जीवन और विचार,

बरही इंडियन पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में मनाई गई डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती दीप प्रज्वलन कर अर्पित किए श्रद्धासुमन, विद्यार्थियों को बताए मिसाइल मैन के प्रेरणादायी जीवन और विचार

मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी/ दिनांक, 16 अक्टूबर 2026,बरही।इंडियन पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, बरही में भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक एवं भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में दीप प्रज्वलित कर उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने डॉ. कलाम के प्रेरणादायी जीवन, संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन तथा माता का नाम आशियम्मा था। साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और ज्ञान के बल पर देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान बनाई। विज्ञान एवं रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के कारण उन्हें जनमानस में ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है।

वक्ताओं ने कहा कि डॉ. कलाम ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, कठिन परिश्रम और बड़े सपने व्यक्ति को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने देश की सेवा की। राष्ट्रपति रहते हुए भी वे विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद करने, उन्हें वैज्ञानिक सोच अपनाने तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करते रहे।

युवाओं के प्रेरणास्रोत थे डॉ. कलाम

विद्यालय में विद्यार्थियों को डॉ. कलाम की प्रमुख पुस्तकों विंग्स ऑफ फायर, टारगेट 3 बिलियन, इग्नाइटेड माइंड्सऔर,इंडिया 2020 के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि उनकी पुस्तकें युवाओं को आत्मविश्वास, नवाचार, ज्ञान और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती हैं।

डॉ. कलाम को वर्ष 1997 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। उनका जीवन आज भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वे शिक्षा, विज्ञान और युवा शक्ति को भारत के विकास की आधारशिला मानते थे।

विद्यार्थियों को दिया सपने देखने और मेहनत करने का संदेश

कार्यक्रम में शिक्षकों ने विद्यार्थियों से डॉ. कलाम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, नियमित अध्ययन करने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण के माध्यम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई 2015 को शिलांग में विद्यार्थियों को व्याख्यान देते समय डॉ. कलाम का निधन हो गया था। अंतिम समय तक विद्यार्थियों के बीच रहकर उन्हें प्रेरित करना उनके शिक्षा और युवा पीढ़ी के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को डॉ.कलाम के विचारों से प्रेरणा लेकर शिक्षा, विज्ञान और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

बरही इंडियन पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में मनाई गई डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती दीप प्रज्वलन कर अर्पित किए श्रद्धासुमन, विद्यार्थियों को बताए मिसाइल मैन के प्रेरणादायी जीवन और विचार


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