बहोरीबंद क्षेत्र के धरवारा पंचायत को मछुआ सहकारी समिति के कार्यक्षेत्र से अलग करने की उठी मांग, सौंपा आवेदन
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी। जिले की धरवारा ग्राम पंचायत को बहोरीबंद विकासखंड की मछुआ सहकारी समिति के कार्यक्षेत्र से अलग किए जाने तथा इसके बाद धरवारा क्षेत्र के स्थानीय आदिवासी एवं मछुआ समुदाय के लिए पृथक मछुआ सहकारी समिति के गठन और पंजीयन की मांग उठी है। इस संबंध में धरवारा निवासी एवं टेटस मछुआ सहकारी समिति मर्यादित, धरवारा के अध्यक्ष अनुज कोल और उनके साथियों ने कलेक्टर, को आवेदन देकर मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।आवेदन में कहा गया है कि धरवारा क्षेत्र के स्थानीय मछुआ परिवार अपने क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और शासन की मत्स्य एवं सहकारिता योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अलग समिति गठित करना चाहते हैं। आवेदन के जरिए उन्होंने कहा की सहकारिता विभाग द्वारा बहोरीबंद विकासखंड में गठित मछुआ सहकारी समिति के कार्यक्षेत्र में धरवारा ग्राम पंचायत को भी शामिल कर लिया गया है। आवेदको का कहना है कि इससे धरवारा के स्थानीय मछुआ समुदाय के लिए अलग सहकारी समिति के गठन एवं पंजीयन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
कार्यवाही की वैधानिकता जांचने की मांग
आवेदन में मांग की गई है कि सबसे पहले बहोरीबंद विकासखंड की वर्तमान मछुआ सहकारी समिति के कार्यक्षेत्र की जांच कराई जाए तथा धरवारा ग्राम पंचायत को उसमें शामिल किए जाने की प्रक्रिया और आदेश की नियमसम्मतता का परीक्षण किया जाए। यदि धरवारा को शामिल किया जाना नियमों एवं क्षेत्राधिकार के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उसे समिति के कार्यक्षेत्र से अलग करने की कार्रवाई की जाए।इसके बाद स्थानीय आदिवासी एवं मछुआ समुदाय की इच्छा और सहमति के अनुसार धरवारा के लिए पृथक मछुआ सहकारी समिति के गठन एवं पंजीयन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है।
मछुआ परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग
आवेदन में स्थानीय मछुआ परिवारों को मछुआ क्रेडिट कार्ड, मत्स्य बीज, तालाब पट्टा, प्रशिक्षण तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उनकी स्थानीय समिति के माध्यम से उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
कार्यवाही का अनुरोध
आवेदक ने पूर्व में की गई कार्रवाई और जारी आदेशों की निष्पक्ष जांच कर स्थानीय मछुआ समुदाय के हित में नियमानुसार निर्णय लेने का अनुरोध किया है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 1 सितंबर 2026 को जनसुनवाई तथा 7 सितंबर 2026 को कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद 9 सितंबर को पुनः कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की गई है। अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन धरवारा पंचायत को बहोरीबंद समिति के कार्यक्षेत्र से अलग करने और स्थानीय मछुआ समुदाय के लिए पृथक समिति के गठन पर क्या निर्णय लेता है।

