बरही क्षेत्र में दिनों रात चल रहा,रेत का खेल ग्रामीणों ने की,कार्यवाही की मांग
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी। बरही तहसील क्षेत्र में रेत के कथित अवैध कारोबार को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में कुछ लोग नियमों को ताक पर रखकर नदियों की बीच धार से रेत का उत्खनन कर उसका परिवहन और आसपास के क्षेत्रों में भंडारण कर रहे हैं।ग्रामीणों के मुताबिक बहिरघटा, छिंदहाई पिपरिया,जाजागढ़, सुतरी, कुठिया,महंगवा सलैया सिहोरा की पीपही नदी व खितौली, क्षेत्र की भदार उमरार नदियों में लंबे समय से अवैध रेत खनन का अवैध खनन व परिवहन की शिकायतें सामने आती रही हैं लेकिन कार्यवाई न होने से माफियाओं के हौसले बुलन्द है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात में ट्रैक्टर लगाकर नदी से रेत निकाली जाती है और उसे अलग-अलग स्थानों पर स्टॉक करने के बाद नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाने दामों पर बेचा जाता है,इससे शासन को राजस्व का खुलेआम चुना लगाया जा रहा है बावजूद प्रशासन मौन है।
फ्लाइंग टीम पर भी गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने रेत कंपनी से जुड़ी बताई जा रही फ्लाइंग टीम को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टीम के कुछ लोग रात के समय ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम घूमते हैं जिसकी जांच करने वाला कोई नही है और लोगों के साथ कथित रूप से अभद्रता एवं मारपीट करते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग हथियार लेकर घूमते हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
उमरिया सीमा में ट्रैक्टर पकड़ने का मामला
ग्रामीणों के अनुसार कटनी जिले की सीमा से लगे उमरिया जिले के अमरपुर चौकी क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात फ्लाइंग टीम द्वारा एक ट्रैक्टर पकड़े जाने और उसे पुलिस के हवाले किए जाने की घटना सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान ट्रैक्टर चालक के साथ मारपीट भी की गई,लेकिन संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कटनी एवं उमरिया जिला प्रशासन, पुलिस तथा खनिज विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी से अवैध खनन, रेत के भंडारण, परिवहन और कथित फ्लाइंग टीम की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। जिला खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित बताते हैं कि कार्यवाही निरंतर हो रही है और तेज की जाएगी

