कैलाश मानसरोवर मुक्ति संकल्प यात्रा 24 अगस्त को,
सावन के अंतिम सोमवार पर जगन्नाथ मंदिर से निकलेगी भव्य यात्रा, मधई मंदिर में होगा समापन,
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी। सावन मास के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को नगर में कैलाश मानसरोवर मुक्ति संकल्प यात्रा का भव्य आयोजन किया जाएगा। यात्रा दोपहर 1 बजे जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर मधई मंदिर पहुंचेगी। नगर के वरिष्ठ प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक, सांस्कृतिक, स्वयंसेवी एवं धार्मिक संगठनों ने यात्रा में अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान किया है।
यात्रा के मार्ग में देवाधिदेव महादेव के धाम कैलाश पर्वत के प्रतीक स्वरूप पूजन-अर्चन किया जाएगा। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय एवं धर्ममय रहेगा। आयोजकों ने नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से स्वस्फूर्त रूप से यात्रा में शामिल होकर इसे भव्य एवं दिव्य बनाने की अपील की है।
जगन्नाथ मंदिर में हुई महत्वपूर्ण बैठक
यात्रा की तैयारियों को लेकर 19 अगस्त, बुधवार को जगन्नाथ मंदिर में सामाजिक, सांस्कृतिक, स्वयंसेवी एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक श्री विपिन तिवारी के मुख्य आतिथ्य तथा भारत तिब्बत सहयोग मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक गिरिराज किशोर ‘राजू’ पोद्दार, महाकौशल प्रांत मंत्री दयाशंकर कनकने, यात्रा संयोजक एवं गायत्री परिवार के वरिष्ठ सदस्य जगदीश सिंह भदोरिया की विशिष्ट उपस्थिति एवं भारत तिब्बत सहयोग मंच के जिलाध्यक्ष रामदयाल गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
भगवान जगन्नाथ जी के जयकारों के साथ बैठक का शुभारंभ हुआ। शंकर-पार्वती जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण किया गया। इसके बाद रवि उरमालिया ने रुद्राष्टक का पाठ किया।
भारत तिब्बत सहयोग मंच के जिलाध्यक्ष रामदयाल गुप्ता ने मंच की गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि यात्रा संयोजक जगदीश सिंह भदोरिया ने यात्रा के मार्ग एवं तैयारियों से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की।
स्वस्फूर्त सहभागिता का किया आह्वान
विभाग संघचालक विपिन तिवारी ने राष्ट्रीय चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में यात्रा में अधिक से अधिक सहभागिता की आवश्यकता बताई। दयाशंकर कनकने ने नगर के वरिष्ठ प्रबुद्ध एवं धार्मिक नागरिकों से यात्रा को सफल बनाने के लिए बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया।
गिरिराज किशोर ‘राजू’ पोद्दार ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संदर्भों पर विचार रखते हुए कैलाश मानसरोवर से जुड़े विषय को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में उपस्थित नागरिकों ने कहा कि सावन का पवित्र महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। ऐसे में बाबा भोलेनाथ को समर्पित इस संकल्प यात्रा में किसी औपचारिक निमंत्रण की प्रतीक्षा किए बिना स्व-प्रेरणा और स्वस्फूर्त भाव से सहभागिता करनी चाहिए।
गौ माता व हनुमान जी की झांकी रहेगी आकर्षण का केंद्र
यात्रा में विभिन्न संगठनों द्वारा धार्मिक झांकियां एवं स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गौ रक्षा सम्मान संगठन के शैलेंद्र सिंह भदोरिया एवं संतोष सोनी द्वारा गौ माता की झांकी निकाली जाएगी। वहीं दिनेश चांपुरिया एवं शैलेंद्र असाटी द्वारा दुर्गा चौक से हनुमान जी की झांकी निकालने की जानकारी दी गई।
बधाई उत्सव कमेटी के पुत्तू दीक्षित एवं बबलू चौदहा द्वारा लक्ष्मी नारायण मंदिर पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा। वहीं सिंधु नौजवान मंडल के सचिव सुनील प्रथ्यानी एवं राजकुमार पोहानी द्वारा देश भंडार के सामने संकल्प यात्रा का स्वागत किया जाएगा।
बैठक में शैलेंद्र असाटी द्वारा कैलाश मानसरोवर मुक्ति का संकल्प कराया गया। कार्यक्रम का संचालन अभय कनकने ने किया तथा आभार राजेश बनवारी ने व्यक्त किया। आगंतुकों को साहित्य का वितरण बच्चू निषाद, प्रदीप गौतम एवं अर्पित पोद्दार द्वारा किया गया। जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट कमेटी के प्रति भी आयोजन के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। शांति पाठ के साथ बैठक का समापन हुआ।
बैठक में केशव कमल मोहनानी, संजय आनंद, रामप्यारी निषाद, ममता खरे, दीपक सरावगी, नरोत्तम तिवारी, रमेश साहू, अखिलेश दुबे, दिनेश चांपुरिया, प्रकाश पटेल, मोहनलाल विश्वकर्मा, राजेश कुमार पटेल, हरीश चौधरी, दीपक यादव, शील कुमार बहरे, नवीन कुमार गुप्ता, सुरेंद्र सागर ताम्रकार, पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुरेश रोचलानी, संतोष चौदहा, संतोष पांडे, सुधीर कुमार, शुभम सिंह कच्छवाह, आशीष तिवारी, अग्निहोत्री जी, समित बहरे, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर पार्थ सेठिया सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आयोजकों ने नगरवासियों से 24 अगस्त को दोपहर 1 बजे जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर संकल्प यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
हर-हर महादेव। बोल बम।मान हमारा मानसरोवर, कैलाश मानसरोवर।,कैलाश मानसरोवर की मुक्ति का संकल्प—इस संकल्प का नहीं कोई विकल्प।

