फार्मर्स आईडी से किसानों को मिलेगी डिजिटल पहचान जिले में जारी है फार्मर आईडी बनाने का अभियान अब तक 2 लाख 37 हजार से अधिक किसानों की बनी फार्मर आईडी
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी/ फार्मर आईडी में होगी किसानों से संबंधित समग्र जानकारीडेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का किसानों को मिलेगा लाभ कटनी।जिले के किसानों की फार्मर आईडी बनाने का अभियान शुरू है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर शासकीय दल स्वयं किसानों के पास जाकर उनकी फार्मर आईडी बनवा रहे हैं। जिले में अब तक 2 लाख 37 हजार से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है।कलेक्टर ने जिले के सभी किसानों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है।कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को फार्मर आईडी निर्माण कार्य में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।यह आईडी किसानों के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान के रूप में काम करती है। फार्मर आईडी, भूमि अभिलेखों, पशुधन स्वामित्व, बोई गई फसल,खाद प्राप्त करने और प्राप्त लाभ सहित विभिन्न किसान-संबंधित डेटा से जुड़ी होती है। जिले में अब तक कुल 2 लाख 37 हजार 132 किसानों की फार्मर आई-डी बनाई जा चुकी है ।जिसमे बड़वारा तहसील में 23 हजार 696 फार्मर आई डी बनाई गयी है। इसी प्रकार बहोरीबंद में 33 हजार 28, बरही में 23 हजार 879, ढ़ीमरखेड़ा में 35 हजार 405, कटनी शहरी में 14 हजार 220, कटनी मुड़वारा में 16 हजार 996,रीठी में 30 हजार 449, स्लीमनाबाद में 22 हजार 843,विजयराघवगढ में 39 हजार 153 फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है।शासन के निर्देशानुसार किसान-केंद्रित डिजिटल पब्लिक इन्फ्रॉस्ट्रक्चर का ग्राम और किसान स्तर तक लगतार विस्तार किया जा रहा है। इसके अंर्तगत कृषि से संबंधित जानकारियां और सेवाएं समय पर व्यक्तिगत तरीके से और पूर्ण विश्वसनीयता के साथ उपलब्ध कराने के लिए आधार कार्ड के समान 'किसान आईडी' की शुरुआत की गई है।

