जनसुनवाई में अधिकारियों ने सुनीं 172 आवेदकों की समस्यायें, दिए समाधान के निर्देश
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी / कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर आयोजित जनसुनवाई में अधिकारियों ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे 172 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, एसडीएम कटनी श्री जितेन्द्र पटेल, सहायक कलेक्टलर श्री श्लोक वायकर, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रमोद चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
आवास से लेकर सड़क और आर्थिक सहायता तक आए आवेदन
जनसुनवाई में ग्राम चनेहटा निवासी श्यामलाल यादव ने आयुष्मान कार्ड में नाम जोडने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं ग्राम केलवारा निवासी उर्मिला दाहिया ने ट्रांसफार्मर बदलवाने, ग्राम धूरी निवासी राजेन्द्र चौधरी ने अतिथि शिक्षक की नियुक्ति दिलाने, ग्राम लखनपुरा निवासी राजेश सिंह ने गेहूँ विक्रय राशि का भुगतान कराने, ग्राम बिचुआ निवासी हरीशंकर दुबे ने भू-नक्शा सुधार आवेदन में कार्यवाही न होने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जबकि ग्राम हीरापुर कौडिया के ग्रामवासियों ने गांव के कीचड़युक्त रास्ते पर मुरम डलवाने, ग्राम बडागांव निवासी सनी सोनी ने अपने पिता पूरन लाल सोनी की मृत्यु पश्चात संबल योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता राशि दिलाने के संबंध मे आवेदन प्रस्तुत किया।इसी तरह ग्राम बनगवां निवासी रमेश चौधरी ने बिजली बिल कम या माफ कराने व ग्राम अमीरगंज निवासी जावेद मंसूरी ने आवास योजना का लाभ दिलाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इनके अलावा भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं जनसुनवाई में अधिकारियों के समक्ष रखीं।
समस्या लेकर आए नागरिकों को दिलायें स्थायी समाधान’
कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन केवल दर्ज कर लेने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक प्रकरण के न्यायसंगत और स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि नागरिक की समस्या को गंभीरता से लेकर उसे समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागवार लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा जनसुनवाई के आवेदनों के निराकरण की भी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को किसी तकनीकी अथवा प्रक्रियागत कारण से अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

