कटनी,कर्मचारी के नाम पर फर्जी तरीके से खाता खोलकर आनलाइन क्रिकेट सट्टे का करोड़ो रुपयों का हेर फेर करने वाले कपड़ा व्यापारी सहित 03 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस अधीक्षक,अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डा. संतोष डेहरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी माधवनगर संजय दुबे के नेतृत्व कर्मचारी के नाम पर फर्जी तरीके से खाता खोलकर आनलाइन क्रिकेट सट्टे का करोड़ो रुपयों का हेर फेर करने वाले कपड़ा व्यापारी सहित 03 आरोपी को पकड़ा गया।
दिनांक 14/02/26 को प्रार्थी अमित दाहिया पिता भल्लू दाहिया उम्र 29 साल
निवासी ग्राम जुहली का थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट लेख कराया कि नई बस्ती में बॉम्बे ब्यूटीफुल साडी सेंटर पर काम करता हूँ उसके मालिक योगेश बजाज द्वारा दुकान के कैश का लेनदेन का बोलकर मेरे नाम से बैंको में खाता खुलवा लिये तथा उन खातो में अत्याधिक पैसो का लेनदेन किया जा रहा है और बैंक के दस्तावेज अपने पास रख लिये हैं। बैंक खाते की पासबुक, एटीएम चैकबुक अपने पास रख मालिक योगेश बजाज निवासी माधवनगर के द्वारा मेरे नाम से खोले गये खातों में उनके द्वारा गलत तरीके से पैसों का लेनदेन किया गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना माधवनगर में अपराध क्रमांक 148/26 धारा 318(4),319 (2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान मामले में धारा 4 (क) पब्लिक गैंबलिंग एक्ट का इजाफा किया गया।मुखबिर सूचना पर आरोपी योगेश बजाज को पकड़ा गया जिसने बताया कि कांकेर छ.ग. निवासी मनीष एवं रोहित से क्रिकेट सट्टा की आन लाइन मास्टर आई.डी. 20% कमीशन पर लिया था । मनीष व रोहित क्रिकेट सट्टा के रुपयों को वह कटनी में अलग अलग व्यक्तियों के खातों का उपयोग कर ट्रान्सफर कर कैश के रुप में करा लेता था। आरोपी द्वारा स्वयं के खातों का उपयोग करने के साथ, कर्मचारी अमित दाहिया के नाम से बंधन बैंक, HDFC, IDBI बैंक में कुल 04 खाते खुलवाये थे। खातो में लिंक सिम का उपयोग स्वयं के मोबाइल पर लगाकर आनलाइन लेन देन करता था। आरोपी द्वारा कर्मचारी के उपयोग किये जाने वाले खातों की जानकारी प्राप्त की गई। जिनमें आरोपी द्वारा बंधन बैंक के खाता में लगभग 01 करोड 09 लाख, एच.डी.एफ.सी. बैंक के दो खातों में लगभग 01 करोड़ 04 लाख 54 हजार एवं आई.डी.बी.आई. के खाते से लगभग 59 लाख रुपयों का आनलाइन ट्रान्सफर कराया गया है। योगेश बजाज के द्वारा अन्य लोगों का खाता भी उपयोग किया गया। आरोपी के स्वयं एवं अन्य व्यक्तियों के खातों से (कुल लगभग 3 करोड 29 लाख 24 हजार रुपयो) का लेन देन आन लाइन व अन्य माध्यमों से किया है।आरोपी योगेश बजाज के व्दारा कांकेर छत्तीसगढ निवासी मनीष से आनलाईन क्रिकेट सट्टे की आईडी लेकर कटनी में अन्य लोगो को सट्टा खेलने के लिये आई डी दी गई थी उसके पास से 4 लाख 80 हजार रुपये कैश के साथ- साथ 03 चैक बुक, 03 एटीएम कार्ड एवं एक पास बुक जो अलग अलग व्यक्तियों के होना पाये गये एवं आरोपी का मोबाइल जप्त किया गया। मोबाइल पर विभिन्न प्रकार के चैट ग्रुपस् एवं संदिग्धों से रुपयों पैसों के हिसाब की जानकारी प्राप्त हुई है। आरोपी द्वारा आन लाइनट्रान्सफर रूपयों को उसके सहयोगियों के खातों में एवं सहयोगियों द्वारा उपलब्ध कराये गये खातों में ट्रान्सफर कर कैश ले लेता था। आरोपी द्वारा उपयोग किये गये अन्य व्यक्तियों के एकाउण्टों के एटीएम से 72000/- रुपये कैश निकालकर जप्त किया गया। आरोपी योगेश बजाज से कुल नगदी 5 लाख 52 हजार रुपये जप्त किया गया है। अधिक मात्रा में कैश इकट्ठा हो जाने पर योगेश कैश रुपया को मनीष एवं रोहित को हवाला के माध्यम से किसी व्यक्ति को भेज देता था जो योगेश बजाज व्हाटसैप पर आये हवाला के नोट से मिलान कर व्यक्ति को रुपया दे देता था।मनीष के अलावा भी संत नगर निवासी तरुण मोटवानी अपने दोस्त द्वारा अलग अलग एकाउण्टों से योगेश बजाज द्वारा दिये गये खातों पर आन लाइन रुपया ट्रान्सफर करता था। जिसके बदले में तरुण मोटवानी, योगेश बजाज से कैश रुपया प्राप्त कर लेता था। उपयोग में आये खातों में होल्ड लगवाया गया है आरोपी योगेश बजाज, तरुण मोटवानी, अवधेश गुप्ता की गिरफ्तारी की जा चुकी है। छ.ग. निवासी मनीष, रोहित एवं अन्य 4 व्यक्तियों की गिरफ्तारी की जाना शेष है।आरोपी योगेश बजाज व्दारा उपयोग में लाये गये खातो की जानकारी प्राप्त की जाकर संलिप्त व्यक्तियो की जानकारी प्राप्त की जा रही है जल्दी ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होने की सम्भावना है।उक्त कार्यवाही में पुलिस अधिकारी/कर्मचारीः निरीक्षक संजय दुबे, थाना प्रभारी एन.के.जे. उप निरी. रूपेन्द्र राजपूत, थाना प्रभारी रंगनाथ नगर अरुण पाल, उप निरी. योगेश मिश्रा, उप नवीन नामदेव, आरक्षक मणि सिंह, लोकेन्द्र सिंह, उमाकान्त तिवारी एवं सायसेल के आर. अजय साकेत, शुभम गौतम, सतेन्द्र सिंह, चंदन प्रजापति, अमित श्रीपाल की सराहनीय भूमिका रही।
जनहित में जारी एडवाइजरी
किसी भी परिस्थिति में अपने नाम से बैंक खाता खुलवाकर उसके दस्तावेज/एटीएम/पासबुक किसी अन्य को न दें।
बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, ओटीपी एवं नेट बैंकिंग की जानकारी गोपनीय रखें
कैश देने के बदले किसी के कहने पर अपने बैंक खाते में ऑनलाइन पैसा लेने से पहले पूरी सतर्कता बरतें। कमीशन या लाभ के लालच में इस प्रकार का लेन-देन करना अवैध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है।कमीशन के चक्कर में अवैध संदिग्ध राशि अपने खाते में लेना 'मनी लॉन्ड्रिंग' की श्रेणी में आ सकता है, जो एक गंभीर दंडनीय अपराध है।
किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तत्काल संबंधित बैंक एवं नजदीकी पुलिस थाना/सायबर सेल को दें
क्रिकेट सट्टा, हवाला या अवैध ऑनलाइन ट्राजेक्शन से दूर रहें- इसमें संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। सतर्क रहें सुरक्षित रहें।

