राष्ट्र रक्षा विश्व कल्याण दिवस के रूप में मनाया गया परम तपस्वी संत त्यागी जी ज्ञान तीर्थ का 48वां जन्मोत्सव पांच लाख से अधिक पेन वितरण कर शिक्षा जागरण की अनूठी पहल, बच्चों-बुजुर्गों के पूजन-सम्मान और पंडवानी गायन ने मोहा मन
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी/ दिनांक, 29 अक्टूबर 2026विलायत कला,विश्व कल्याण परिवार Growth परम तपस्वी संत त्यागी जी ज्ञान तीर्थ का 48वां जन्मोत्सव ‘राष्ट्र रक्षा विश्व कल्याण दिवस’ के रूप में श्रद्धा,सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के वातावरण में मनाया गया। तहसील बड़वारा अंतर्गत ज्ञान तीर्थ विलायत कला स्थित संत त्यागी जी आश्रम में आयोजित समारोह में संत-महात्माओं, समाजसेवियों,शिक्षकों, कलाकारों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर राष्ट्र रक्षा, विश्व कल्याण, गौ रक्षा, प्रकृति संरक्षण तथा भारतीय संस्कृति के संवर्धन का संदेश दिया।समारोह में ब्रह्मचारी शंभू प्रेमानंद जी की दिव्य ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन के माध्यम से समाज में सेवा, त्याग, करुणा, सदाचार और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
पांच लाख से अधिक पेन वितरण से शिक्षा जागरण का संदेश
संत त्यागी जी ज्ञान तीर्थ की सेवा-यात्रा में अब तक पांच लाख से अधिक पेन वितरित किए जाने की पहल शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उल्लेखनीय प्रयास है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करना तथा ज्ञान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। पेन वितरण के माध्यम से बच्चों को अपने सपनों को साकार करने, बेहतर भविष्य बनाने और समाज के विकास में योगदान देने की प्रेरणा दी जा रही है।आयोजन में बच्चों एवं बुजुर्गों का पूजन कर सम्मान किया गया। इस पहल के माध्यम से बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने तथा बुजुर्गों के प्रति आदर, कृतज्ञता और सेवा-भाव जागृत करने का संदेश दिया गया।
प्रसिद्ध पंडवानी गायक गौतम साहू की प्रस्तुति ने बांधा समां
समारोह का प्रमुख आकर्षण छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई-जामुल निवासी प्रसिद्ध पंडवानी गायक गौतम साहू की भावपूर्ण प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी गायन कला के माध्यम से लोकसंस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की सुंदर छटा बिखेरी। उनके साथ निखादू निषाद ने सहभागिता की।वाद्य संगत में हारमोनियम पर थुकेल विश्वकर्मा, तबले पर रामनाथ विश्वकर्मा तथा डफली पर विनोद सिन्हा ने योगदान दिया। रागी एवं मंजीरा वादन के साथ पंडवानी, रामायण मंडली और भजन-संगीत की प्रस्तुतियों ने समारोह को भक्तिमय एवं सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे संतजन एवं समाजसेवी
समारोह में ज्ञान तीर्थ विलायत कला के संरक्षक एवं प्रतिष्ठित समाजसेवी पंडित प्रकाश भोमिया, पंडित अरविंद तिवारी और आनंद तिवारी उपस्थित रहे। पथवारी से गणेशपुरी एवं रामायण मंडली, भुडसा से सचिन सिंह एवं भजन मंडली तथा समाजसेवी केशव तोमर अपने इष्ट-मित्रों के साथ शामिल हुए।बरही से राजभान त्रिपाठी (त्यागी जी) एवं शिक्षक वीरेंद्र गौतम, प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश से अभय तिवारी एवं दिवाकर द्विवेदी तथा नागपुर से डॉ. गीता पुरुषोत्तम द्विवेदी, संजय तिवारी, सेवणकर जी, हिमांशु, उन्नति, प्रतिभा तिवारी, विश्वास एवं वैभव तिवारी ने सहभागिता की। सिवनी से समाजसेवी ददुआ पटेल एवं रमेश मसब भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथियों की सहभागिता ने आयोजन को सामाजिक समरसता, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का स्वरूप प्रदान किया।
सेवा, संस्कार और मानवता ही विश्व कल्याण का आधार
विश्व कल्याण परिवार की विचारधारा में भोजन, शिक्षा, संस्कार, मानव सेवा, गौ रक्षा, प्रकृति संरक्षण, राष्ट्र रक्षा और विश्व कल्याण को प्रमुख स्थान दिया गया है। जन्मोत्सव को ‘राष्ट्र रक्षा विश्व कल्याण दिवस’ के रूप में मनाने का उद्देश्य समाज को सेवा, त्याग, करुणा और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रेरित करना है।बच्चों को शिक्षित एवं संस्कारित बनाना, बुजुर्गों का सम्मान करना, भारतीय लोककलाओं का संरक्षण करना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना एक संवेदनशील एवं जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
मानवता की सेवा से राष्ट्र निर्माण का संकल्प
समारोह का मूल संदेश रहा,मानव में देवत्व जगाने, धरती पर स्वर्ग सजाने; धर्म मार्ग से राष्ट्र निर्माण, राष्ट्र रक्षा एवं विश्व कल्याण ही लक्ष्य।जन्मोत्सव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जीवन की वास्तविक सार्थकता केवल उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, मानवता की सेवा, गौ रक्षा और प्रकृति संरक्षण जैसे कार्यों के माध्यम से समाज के उत्थान में योगदान देने में है।ज्ञान तीर्थ विलायत कला में आयोजित यह समारोह आध्यात्मिक चेतना के साथ सामाजिक सेवा, शिक्षा जागरण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला आयोजन रहा।

