50-60 वर्षों से मकान बनाकर रह रहे ग्रामीणों ने मांगा पट्टा, बोले- जमीन पर अधिकार दिलाए प्रशासन विजौरी-ममढार टोला के करीब 200 परिवारों का दावा—बाणसागर डूब क्षेत्र से विस्थापित होकर शासन की ओर से बसाए गए, जांच और कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी। दिनांक 28 सितंबर 2026,ग्राम पंचायत पठरा के अंतर्गत ग्राम विजौरी के भमढार टोला में लंबे समय से निवास कर रहे ग्रामीणों ने अपनी आवासीय भूमि को आबादी घोषित कर कब्जे के आधार पर अधिकार पत्र/पट्टा प्रदान किए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर के नाम आवेदन देकर मामले में स्थल जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि वे ग्राम विजौरी ममढार टोला के स्थायी निवासी हैं और पिछले 50-60 वर्षों से मकान बनाकर अपने परिवारों के साथ निवास कर रहे हैं। आवेदन में ग्राम विजौरी खसरा नंबर 163 सहित संबंधित भूमि को आबादी घोषित कर वहां लंबे समय से निवासरत परिवारों को नियमानुसार पट्टा प्रदान करने की मांग की गई है।
बाणसागर डूब क्षेत्र से विस्थापित होने का दावा
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया कि वे भूमिहीन परिवार हैं तथा बाणसागर परियोजना के डूब क्षेत्र से विस्थापित हुए लोगों में शामिल हैं। उनका दावा है कि शासन एवं ग्राम पंचायत द्वारा उन्हें उक्त क्षेत्र में बसाया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपने-अपने मकान बनाकर परिवार सहित स्थायी रूप से रहना शुरू किया। ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में करीब 200 परिवार यहां निवास कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें भूमि का पट्टा नहीं मिल सका है।
कई बार आवेदन, जांच नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि पट्टा प्रदान किए जाने की मांग को लेकर वे कई बार जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन दे चुके हैं। 10 सितंबर 2026 को भी ज्ञापन के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार अब तक मौके पर जांच-पड़ताल नहीं की गई है और न ही उनकी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई हुई है।
कथित धमकियों से ग्रामीणों में भय
आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पट्टा नहीं होने का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्व एवं कथित भू-माफिया उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ लोगों द्वारा मकान खाली करने की धमकी दी जाती है और मकान गिराने की बात भी कही जाती है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का राजस्व अमले से शीघ्र सर्वे एवं जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, लंबे समय से निवासरत परिवारों के प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण किया जाए तथा पात्र परिवारों को भूमि का अधिकार पत्र/पट्टा प्रदान करने की कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्रामीणों ने किसी भी प्रकार की जबरन बेदखली अथवा धमकी की स्थिति में सुरक्षा एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

