कटनी कलेक्टर जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे और मुस्कुराहटों से भर उठी कक्षा सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में विशेष विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और जिजीविषा ने जीता कलेक्टर श्री आशीष तिवारी का दिल ब्रेल, अबेकस और सांकेतिक भाषा के माध्यम से बच्चों ने साबित किया— हौसलों के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती

कटनी कलेक्टर जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे और मुस्कुराहटों से भर उठी कक्षा सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में विशेष विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और जिजीविषा ने जीता कलेक्टर श्री आशीष तिवारी का दिल ब्रेल, अबेकस और सांकेतिक भाषा के माध्यम से बच्चों ने साबित किया— हौसलों के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती

कटनी कलेक्टर जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे और मुस्कुराहटों से भर उठी कक्षा सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में विशेष विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और जिजीविषा ने जीता कलेक्टर श्री आशीष तिवारी का दिल ब्रेल, अबेकस और सांकेतिक भाषा के माध्यम से बच्चों ने साबित किया— हौसलों के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती

 मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी / प्रेमनगर स्थित सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों) के छात्रावास में शुक्रवार को संवेदनशीलता, आत्मीयता और प्रेरणा का ऐसा दृश्य बना, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी जब छात्रावास पहुंचे तो उन्होंने औपचारिकता से दूरी बनाते हुए सीधे छात्रों की कक्षा में पहुंचकर घुटनों के बल बैठकर उनसे संवाद किया। इस आत्मीय व्यवहार ने छात्रों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी और कुछ ही क्षणों में पूरा वातावरण अपनत्व से भर उठा।कलेक्टर श्री तिवारी ने विशेष आवश्‍यकता वाले इन छात्रों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में बात की। छात्रों ने भी बिना किसी झिझक के पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने ज्ञान और कौशल का प्रदर्शन किया। यह संवाद केवल प्रश्न और उत्तर का नहीं, बल्कि विश्वास और प्रेरणा का संवाद बन गया।

ब्रेल की पंक्तियों में दिखे सपने, अबेकस पर दौड़ी प्रतिभा

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों साहिल काछी, अनुराग यादव, अजय पटेल, रोहित बर्मन, मनीष सपेरा और पर्वत सिंह ने ब्रेल लिपि में सहजता से पढ़कर और लिखकर अपनी दक्षता का परिचय दिया। अबेकस और टेलर फ्रेम की सहायता से उन्होंने गणितीय प्रश्नों का तेज़ और सटीक समाधान प्रस्तुत किया। वहीं डेज़ी प्लेयर, स्मार्टफोन और की-बोर्ड के माध्यम से अध्ययन कर उन्होंने यह संदेश दिया कि यदि अवसर और संसाधन मिलें तो कोई भी चुनौती उनके सपनों की राह नहीं रोक सकती।

सांकेतिक भाषा ने कह दी हजारों बातें

श्रवणबाधित विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से जिस आत्मविश्वास और सहजता से अपने विचार व्यक्त किए, उसने सभी को प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुति ने यह एहसास कराया कि संवाद केवल शब्दों का नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और सीखने की इच्छा का भी होता है। 

छोटे उपहार, बड़ा संदेश

छात्रों की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित होकर कलेक्टर श्री तिवारी ने उन्हें अपनी ओर से कॉपी, पेन, चॉकलेट और बिस्किट भेंट किए। यह केवल उपहार नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास और स्नेह का प्रतीक था। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।

हर बच्चे को मिले अवसर, यही सबसे बड़ी जिम्मेदारी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास में संचालित रिसोर्स सेंटर, जूडो सेंटर और फिजियोथेरेपी सेंटर का भी अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षा, पुनर्वास और प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष आवश्यकता वाले प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और आवश्यक सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी जीवन की ओर आगे बढ़ सकें।इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक श्री प्रेम नारायण तिवारी, एपीसी (आईईडी) श्री अनिल त्रिपाठी, छात्रावास वार्डन श्री सुरेश कुमार धाकड़, सहायक वार्डन श्री अवनीश तिवारी, लेखापाल श्री अतुल बड़गैया, छात्रावास का स्टाफ तथा साइटसेवर्स इंडिया की टीम उपस्थित रही।

कटनी कलेक्टर जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे और मुस्कुराहटों से भर उठी कक्षा सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में विशेष विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और जिजीविषा ने जीता कलेक्टर श्री आशीष तिवारी का दिल ब्रेल, अबेकस और सांकेतिक भाषा के माध्यम से बच्चों ने साबित किया— हौसलों के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती


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