सेवा नियम लागू करने और कलेक्टर दर से वेतन की मांग, 1 अगस्त से कलमबंद आंदोलन की चेतावनी
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी। मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ, जिला इकाई कटनी ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं शासकीय उचित मूल्य दुकानों में कार्यरत विक्रेताओं और कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर 1 अगस्त 2026 से कर्मचारी कलमबंद आंदोलन शुरू करेंगे।महासंघ ने ज्ञापन में बताया कि उचित मूल्य दुकानों के कर्मचारी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न वितरण, ई-केवाईसी, आधार प्रमाणीकरण, हितग्राही सत्यापन, किसान पंजीयन, निर्वाचन कार्य, सर्वेक्षण सहित शासन की अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं का सफल संचालन कर रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को पर्याप्त वेतन, संचालन व्यय एवं सेवा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।ज्ञापन में वर्ष 2019 में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश द्वारा जारी सेवा नियमों को जिले की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई है। साथ ही कलेक्टर दर से वेतनमान लागू करने, दुकान एवं गोदाम किराया, बिजली, इंटरनेट, स्टेशनरी सहित अन्य संचालन व्यय की प्रतिपूर्ति, अतिरिक्त शासकीय कार्यों के लिए पृथक मानदेय, लंबित कमीशन एवं खरीदी संबंधी देयों का समयबद्ध भुगतान, सामाजिक सुरक्षा, दुर्घटना बीमा, चिकित्सा सुविधा, भविष्य निधि तथा अन्य वैधानिक लाभ उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।महासंघ ने यह भी कहा कि शासन से मिलने वाले वार्षिक अनुदान में समयानुकूल वृद्धि की जाए तथा कर्मचारियों का वेतन प्रत्येक माह 1 से 5 तारीख के बीच सीधे उनके वेतन खाते में जमा कराया जाए। सेवा नियमों का पालन नहीं करने वाली समितियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और जिला स्तर पर शिकायत निवारण समिति गठित कर कर्मचारी संगठनों से नियमित संवाद स्थापित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 1 अगस्त से जिले के सहकारी समिति कर्मचारी कलमबंद आंदोलन पर उतरेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ठाकुर सहित महासंघ के पदाधिकारियों ने शासन से कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

