मध्य प्रदेश के रतलाम,में अतिक्रमण हटाने गई राजस्व विभाग की टीम एवं पुलिस प्रशासन के ऊपर कुछ ग्रामीणों के द्वारा की गई,पत्थर बाजी,
जिसको लेकर पुलिस के द्वारा 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके विरोध आगे की ठौस कार्रवाई चल रही है,
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़,/रतलाम में भारी बवाल,निवेश क्षेत्र के विरोध में पुलिस पर पथराव,दागने पड़े आंसू गैस के गोले; सरपंच सहित 20 से अधिक को हिरासत में लिया गया,
अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने किया पथराव हालात काबू करने पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले तीन पुलिसकर्मी घायल निवेश क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण का ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे,
मिली जानकारी के अनुसार रतलाम जिले के पलसोड़ी क्षेत्र में शुक्रवार को प्रस्तावित निवेश क्षेत्र के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम पर ग्रामीणों द्वारा पथराव किए जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा तथा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।जानकारी के अनुसार पलसोड़ी सहित आसपास के चार से पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि निवेश क्षेत्र में शामिल की जा रही है। इसके विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलनरत हैं। प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल तथा अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।ग्रामीणों को समझाने का प्रयास दोपहर करीब 2 बजे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने जुलवानिया सरपंच छोटू मईडा सहित 20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े जुलवानिया सरपंच छोटू भाभर ने बताया कि ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन से कार्रवाई रोकने और सात दिन का समय मांगने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मामले में हाईकोर्ट में स्थगन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पथराव की घटना की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि यह कृत्य असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया होगा। सरपंच का आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें और अन्य लोगों को दो वज्र वाहनों में बैठाकर करीब दो घंटे तक रिंग रोड़ और आसपास के क्षेत्रों में घुमाया गया और पुलिस के द्वारा सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की ठौस कार्रवाई चल रही है।

