कटनी, में गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों के शोषण और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक किसान नेकलेक्टर कार्यालय पहुंचकर खरीदी केंद्र के कर्मचारियों और प्रबंधन पर भ्रष्टाचार, मानसिक प्रताड़ना और जबरन पैसे वसूलने का लगायाआरोप

 कटनी, में गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों के शोषण और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक किसान नेकलेक्टर कार्यालय पहुंचकर खरीदी केंद्र के कर्मचारियों और प्रबंधन पर भ्रष्टाचार, मानसिक प्रताड़ना और जबरन पैसे वसूलने का लगायाआरोप

कटनी, में गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों के शोषण और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक किसान नेकलेक्टर कार्यालय पहुंचकर खरीदी केंद्र के कर्मचारियों और प्रबंधन पर भ्रष्टाचार, मानसिक प्रताड़ना और जबरन पैसे वसूलने का लगायाआरोप

 मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी/ किसान का दावा है कि फसल बेचने के लिए उसे पूरे दिन अपमानित किया गया और अलग-अलग नामों पर हजारों रुपये वसूले गए।मामला Katni जिले के CWC खरीदी केंद्र का बताया जा रहा है, जहां ग्राम खोहरी निवासी किसान शशिकांत पटेल ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को जानबूझकर परेशान किया जाता है और तौल प्रक्रिया में देरी कर अवैध वसूली की जाती है।किसान के मुताबिक वह 11 मई को सुबह गेहूं लेकर खरीदी केंद्र पहुंचा था, लेकिन मामूली मिट्टी बताकर पूरा गेहूं फैलवा दिया गया। आरोप है कि दूसरे किसानों की फसल आसानी से तौली जा रही थी, जबकि उसे सुबह से रात तक इंतजार कराया गया। किसान का कहना है कि कई बार हाथ जोड़कर तौल कराने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि “छनना”, “पासिंग”, “बरदाना”, “कट्टा”, “सिलाई”, “काउंटिंग” और मजदूरी के नाम पर उससे हजारों रुपये वसूले गए। इतना ही नहीं, हर बोरी में तय वजन से ज्यादा गेहूं भरकर किसानों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।किसान ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि खरीदी केंद्रों पर भ्रष्टाचार का खेल लंबे समय से चल रहा है और विरोध करने वाले किसानों को और ज्यादा परेशान किया जाता है। शिकायत में CCTV फुटेज जांच, अवैध वसूली वापस कराने और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।अब सवाल यह उठ रहा है कि किसानों के नाम पर चल रही खरीदी व्यवस्था आखिर किसके लिए काम कर रही है? क्या अन्नदाता को अपनी ही फसल बेचने के लिए अपमान और रिश्वत का सामना करना पड़ेगा? और सबसे बड़ा सवाल — क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा?फिलहाल किसान की शिकायत के बाद मामला प्रशासन तक पहुंच चुका है। अब देखना होगा कि किसानों के शोषण के इन आरोपों पर जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई करते,

कटनी, में गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों के शोषण और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक किसान नेकलेक्टर कार्यालय पहुंचकर खरीदी केंद्र के कर्मचारियों और प्रबंधन पर भ्रष्टाचार, मानसिक प्रताड़ना और जबरन पैसे वसूलने का लगायाआरोप



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