तिब्बत,कैलाश मानसरोवर मुक्ति अभियान को मिला नया नेतृत्व जनरल शिव कुमार शर्मा बने भारत तिब्बत सहयोग मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष,
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी/जम्मू। भारत तिब्बत सहयोग मंच की राष्ट्रीय कार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक 2 एवं 3 मई को जम्मू स्थित गैलेक्सी पैरामेडिकल कॉलेज में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं वरिष्ठ प्रचारक डॉ. इंद्रेश कुमार ने मेजर जनरल श्री शिव कुमार शर्मा (सेवानिवृत्त) को मंच का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया। इस घोषणा के साथ ही तिब्बत, कैलाश मानसरोवर एवं चीन के कब्जे से भारतीय भूमि की मुक्ति के अभियान को नया सशक्त आयाम मिलने की बात कही गई।
बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, जनजागरण अभियानों तथा संगठनात्मक विस्तार पर गंभीर चिंतन-मंथन किया गया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 1951 में चीन द्वारा तिब्बत पर किए गए कब्जे और वर्ष 1962 में भारत पर हुए चीनी आक्रमण के बाद से वैचारिक संघर्ष लगातार जारी है। इसी उद्देश्य से वर्ष 1999 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में भारत तिब्बत सहयोग मंच का गठन किया गया था, जो आज देशभर में चीन की विस्तारवादी नीतियों के प्रति जनजागरण का कार्य कर रहा है।
बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पंकज जी, पालक अधिकारी रूपेश जी सहित देशभर से आए कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कटनी गिरिराज किशोर 'राजू' पोद्दार, सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता, कपिल त्यागी, राजेंद्र कामदार, देव शुक्ला, सोमेश पांडेय, अनिल तिवारी, सिक्किम से एल.पी. शर्मा, तिब्बत निर्वासित सरकार की जनसंपर्क अधिकारी ताशी तिर्की, दावात्सेरिंग, आचार्य येशी, महिला विभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा गुप्ता सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आगामी “तवांग तीर्थ यात्रा” की घोषणा भी की गई, जो 14 नवंबर से गुवाहाटी से तवांग तक आयोजित होगी। इसके अतिरिक्त श्रावण मास में “श्रावण संकल्प यात्रा” के आयोजन का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से कैलाश मानसरोवर मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने, चीन की नीतियों के प्रति सजग रहने तथा राष्ट्रहित में सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिनिधियों ने माता वैष्णो देवी सहित जम्मू के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर राष्ट्र एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
बैठक में “जय भारत-जय तिब्बत” तथा “तिब्बत की आजादी भारत की सुरक्षा है” जैसे नारों के साथ अभियान को और तेज गति से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

