ग्राम पंचायत बिचुआ में पंचायत कर्मियों की की लापरवाही लगा गंदगी का अंबार, सिर्फ कागजों में सफाई और बिल पास

मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी, 30दिसंबर। जनपद पंचायत कटनी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बिचुआ में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव की सड़कों और गलियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है और ग्रामीणों को बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई के नाम पर हजारों रुपये के बिल तो नियमित रूप से पास हो जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सफाई का नामोनिशान तक नहीं है। सब कुछ सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत द्वारा नियुक्त सफाई कर्मी या तो आते ही नहीं या नाममात्र की सफाई कर चले जाते हैं। नतीजतन, गांव में गंदगी का अंबार लगा रहता है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। बारिश के दिनों में स्थिति और बदतर हो जाती है, जब कचरे में पानी भर जाता है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है।
इतना ही नहीं, गांव में नल-जल योजना भी कई दिनों से खराब पड़ी हुई है। पाइपलाइनों में पानी नहीं आ रहा, जिससे ग्रामीण पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। कई सार्वजनिक हैंडपंप भी खराब हैं, लेकिन मरम्मत के नाम पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं यहां सिर्फ घोषणाओं तक सिमट कर रह गई हैं।
स्थानीय रा वीडियो ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाते हुए कहा कि प्रशासन की उदासीनता से गांववासी परेशान हैं। सफाई और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग मजबूरन प्रदर्शन करने की सोच रहे हैं।जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों से जब इस बारे में पूछा गया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल सफाई अभियान चलाया जाए, नल-जल योजना को दुरुस्त किया जाए और बिल पास करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए। अन्यथा, वे उच्च अधिकारियों तक शिकायत लेकर जाएंगे।
यह स्थिति न केवल बिचुआ पंचायत की है, बल्कि मध्य प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई और पेयजल योजनाओं की यही हकीकत सामने आ रही है। प्रशासन को चाहिए कि जमीनी हकीकत का जायजा ले और तुरंत कार्रवाई करे, वरना ग्रामीणों का गुस्सा फूट सकता है।
