कटनी में नवागत कलेक्टर आशीष तिवारी ने संभाला पदभार: प्रेरणादायक यात्रा से प्रशासनिक सेवा में नई ऊर्जा
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी कटनी, 15 सितंबर 2025: भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2016 बैच के मेधावी अधिकारी श्री आशीष तिवारी ने आज सोमवार को पूर्वाह्न कलेक्टर कटनी का पदभार ग्रहण कर लिया। नवागत कलेक्टर श्री तिवारी ने प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के सीईओ श्री शिशिर गेमावत से पद का प्रभार प्राप्त किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा और संयुक्त कलेक्टर श्री जितेंद्र पटेल भी उपस्थित रहे। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद श्री तिवारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और अधिकारियों-कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया।यह पदस्थापना राज्य शासन द्वारा 8 सितंबर 2025 को जारी आईएएस अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश के अनुपालन में की गई है। इससे पूर्व, श्री तिवारी मुख्य सचिव कार्यालय में उपसचिव के पद पर कार्यरत थे। निवर्तमान कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव (2014 बैच) को इंदौर नगर निगम आयुक्त के पद पर स्थानांतरित किया गया है। श्री तिवारी की यह नियुक्ति कटनी जिले के लिए एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, क्योंकि उनके समृद्ध अनुभव और समर्पण से जिले का विकास नई गति पा सकता है।
आशीष तिवारी का प्रेरणादायक जीवन परिचय: छोटे शहर से यूपीएससी की ऊंचाइयों तक
श्री आशीष तिवारी का जन्म मध्य प्रदेश के छोटे से कस्बे पलेरा (टीकमगढ़ जिला) में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता श्री पी.के. तिवारी एक सामान्य सरकारी कर्मचारी थे,जबकि मां एक गृहिणी। बचपन से ही आशीष में पढ़ाई के प्रति गजब का जुनून था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर पूरी की और फिर उच्च शिक्षा के लिए इंजीनियरिंग की ओर रुख किया। वे आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। स्नातक के बाद, वे कुछ समय के लिए निवेश बैंकिंग (इनवेस्टमेंट बैंकिंग) के क्षेत्र में कार्यरत रहे, जहां उन्होंने वैश्विक वित्तीय संस्थानों के साथ काम किया। लेकिन उनका मन हमेशा से ही लोक सेवा में लगा रहा। उन्होंने निजी क्षेत्र की चकाचौंध छोड़कर सिविल सेवा की राह चुनी, जो एक प्रेरणादायक निर्णय साबित हुआ।यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2015 में श्री तिवारी ने ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 6 हासिल की, जो उनकी कड़ी मेहनत और रणनीतिक तैयारी का प्रमाण था। परीक्षा के दौरान उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन को वैकल्पिक विषय चुना। आशीष ने कभी भी अपने छोटे शहर के बैकग्राउंड को बाधा नहीं बनने दिया। बल्कि, उन्होंने इसे अपनी ताकत बनाया। वे कहते हैं कि ग्रामीण भारत की समस्याओं को समझने का उनका अनुभव ही उन्हें आईएएस बनने के लिए प्रेरित करता रहा। उनकी सफलता कई युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है, खासकर उन लोगों के लिए जो छोटे शहरों से आते हैं और लगता है कि सपने दूर हैं।
सेवा यात्रा: प्रशिक्षण से लेकर कटनी तक का सफर
श्री आशीष तिवारी का आईएएस कैडर मध्य प्रदेश है। 2016 बैच के रूप में उनका प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी में हुआ, जहां उन्होंने प्रशासनिक कौशलों को निखारा। प्रशिक्षण के बाद, उन्होंने मध्य प्रदेश में विभिन्न जिलों में अपनी सेवा शुरू की। उनके अब तक के प्रमुख पदस्थापनों में शामिल हैं:
- प्रारंभिक पदस्थापन (2017-2018): आईएएस ट्रेनी के रूप में विभिन्न जिलों में जिला प्रशिक्षण, जहां उन्होंने स्थानीय प्रशासन, राजस्व और विकास योजनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
- सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट/ऑफिसर (राजस्व) (2018-2020):
- - मध्य प्रदेश के विभिन्न सब डिवीजनों में तैनाती, जहां उन्होंने भूमि राजस्व, कानून-व्यवस्था और ग्रामीण विकास पर फोकस किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर कई चुनौतियों का सामना किया और समाधान निकाले
- कलेक्टर, ग्वालियर (2020-2022):
- एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में ग्वालियर जिले के कलेक्टर के पद पर कार्य किया। यहां उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान किया, जिसमें टीकाकरण अभियान,स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और आर्थिक सहायता वितरण शामिल था। उनके प्रयासों से ग्वालियर में महामारी नियंत्रण में सफलता मिली, जिसकी सराहना राज्य स्तर पर हुई।
- विभागीय पद (2022-2023):
- कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्य, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कृषि नीतियों पर योगदान दिया।
- उपसचिव, मुख्य सचिव कार्यालय (2023-2025):
- भोपाल में मुख्य सचिव कार्यालय में उपसचिव के रूप में तैनाती। यहां उन्होंने राज्य स्तर की नीतियों, प्रशासनिक सुधारों और विकास परियोजनाओं पर काम किया। इस पद ने उन्हें उच्च स्तरीय प्रशासनिक अनुभव प्रदान किया, जो अब कटनी जैसे जिले के लिए उपयोगी साबित होगा।श्री तिवारी की सेवा यात्रा में विविधता और समर्पण झलकता है। वे हमेशा ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते रहे हैं। ग्वालियर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को गति दी और किसानों के लिए सिंचाई योजनाओं को मजबूत किया। उनकी कार्यशैली सहयोगात्मक और परिणाम-उन्मुख रही है, जो टीम वर्क पर आधारित है।
कटनी के लिए नई उम्मीदें: विकास और जनकल्याण पर फोकस
कटनी जिला, जो सीमेंट उद्योग और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, कई चुनौतियों से जूझ रहा है, जैसे बुनियादी ढांचा विकास, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण रोजगार। नवागत कलेक्टर श्री तिवारी के अनुभव को देखते हुए, जिला प्रशासन में नई ऊर्जा की उम्मीद है। पदभार ग्रहण के बाद उनका पहला निरीक्षण ही इसकी झलक देता है। वे जल्द ही जिले की समस्याओं का समाधान करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू करने की बात कह चुके हैं।स्थानीय निवासियों और अधिकारियों ने श्री तिवारी का स्वागत किया है। जिला पंचायत सीईओ श्री शिशिर गेमावत ने कहा, "श्री तिवारी का अनुभव कटनी के लिए लाभदायक होगा।" अपर कलेक्टर श्री मिश्रा ने भी उनके नेतृत्व में जिले के विकास पर जोर दिया।श्री आशीष तिवारी की यह नियुक्ति न केवल कटनी बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के प्रशासनिक ताने-बाने को मजबूत करेगी। उनकी प्रेरणादायक कहानी युवा पीढ़ी को सिविल सेवा की ओर प्रोत्साहित करती रहेगी। जिला प्रशासन ने श्री तिवारी के स्वागत में विशेष व्यवस्था की है और आगामी दिनों में उनकी योजनाओं पर नजर रखी जा रही है।

