शासकीय भूमि के नामांतरण पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग खसरा नंबर 1100 की 2.06 हेक्टेयर भूमि को शासकीय मद में दर्ज करने और पानी तलैया के रूप में बहाल करने की मांग

शासकीय भूमि के नामांतरण पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग खसरा नंबर 1100 की 2.06 हेक्टेयर भूमि को शासकीय मद में दर्ज करने और पानी तलैया के रूप में बहाल करने की मांग

शासकीय भूमि के नामांतरण पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग खसरा नंबर 1100 की 2.06 हेक्टेयर भूमि को शासकीय मद में दर्ज करने और पानी तलैया के रूप में बहाल करने की मांग

मध्य प्रदेश न्यूज़ कटनी/रीठी ग्राम खम्हरिया नंबर-1, तहसील रीठी के ग्रामीणों ने शासकीय भूमि के कथित रूप से निजी नाम पर दर्ज किए जाने को लेकर जिला कलेक्टर को शिकायत आवेदन सौंपकर मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम खम्हरिया प.ह.नं. 27, रा.नि.मं. रीठी स्थित खसरा नंबर 1100, रकबा 2.06 हेक्टेयर भूमि पूर्व में शासकीय मद में दर्ज थी, लेकिन बाद के वर्षों में उक्त भूमि का नामांतरण निजी व्यक्ति के नाम पर कर दिया गया।ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत शिकायत के अनुसार, उक्त खसरा नंबर वर्ष 1988 में ‘घास मद, मध्यप्रदेश शासन’ के नाम दर्ज था। वर्ष 1995 से 1999 तक भी भूमि शासकीय मद में दर्ज रही। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2002-03 में ग्राम पंचायत खम्हरिया नंबर-1 द्वारा इसी भूमि पर तालाब का निर्माण कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2011-12 में भी उक्त भूमि ‘घास मद, मध्यप्रदेश शासन, पानी तलैया’ के रूप में दर्ज होना बताया गया है।शिकायत में आगे उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2018-19 के अभिलेख में उक्त शासकीय खसरा नंबर पर ‘घन्नू वल्द रामचरण, जाति यादव’ का नाम दर्ज दिखाई देता है। वहीं वर्ष 2021-22 में नाम संशोधन कर ‘धनीराम वल्द रामचरण, जाति यादव’ दर्ज किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि नाम संशोधन से संबंधित किसी न्यायालयीन आदेश की जानकारी उन्हें नहीं है।

अभिलेखों की जांच कराने की मांग

ग्रामीणों ने संदेह जताते हुए आरोप लगाया है कि शासकीय भूमि के राजस्व अभिलेखों में कथित रूप से कूटरचित तरीके से नाम दर्ज किया गया है। उन्होंने कलेक्टर से वर्ष 1988 से 2026 तक के खसरा अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है।ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो खसरा नंबर 1100 की 2.06 हेक्टेयर भूमि को पुनः शासकीय मद में दर्ज किया जाए तथा इसे ‘पानी तलैया’ के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।शिकायत आवेदन पर ग्राम खम्हरिया नंबर-1 के अनेक ग्रामीणों के हस्ताक्षर बताए गए हैं।

शासकीय भूमि के नामांतरण पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग खसरा नंबर 1100 की 2.06 हेक्टेयर भूमि को शासकीय मद में दर्ज करने और पानी तलैया के रूप में बहाल करने की मांग



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