कटनी,नारी शक्ति वंदन विधेयक गिरने पर भाजपा का हमला,विपक्ष पर लगाया “महिलाओं के अपमान” का आरोप
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी, शुक्रवार। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तुरंत प्रभावी बनाने से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे देश की करीब 70 करोड़ महिलाओं के अधिकारों के साथ “खिलवाड़” और “अपमान” करार दिया।
कटनी में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी सहित पूरे इंडी गठबंधन ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के ऐतिहासिक अवसर को रोक दिया। उन्होंने बताया कि विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, लेकिन संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह पारित नहीं हो सका।
विपक्ष का जश्न महिलाओं का अपमान
भाजपा नेताओं ने कहा कि विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जश्न मनाना और मेज थपथपाना देश की हर महिला का अपमान है। उनका कहना था कि दशकों से राजनीतिक प्रतिनिधित्व की प्रतीक्षा कर रही महिलाओं की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों के लिए महिला सशक्तिकरण केवल चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है।
कांग्रेस के पुराने रुख पर भी निशाना
भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व रुख को याद दिलाते हुए कहा कि शाहबानो प्रकरण, तीन तलाक और अनुच्छेद 370 हटाने जैसे मुद्दों पर भी पार्टी ने महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया। नेताओं ने प्रियंका गांधी के बयान पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती और काली के रूप में सम्मानित किया जाता है।
परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप
भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर परिसीमन के मुद्दे पर विशेषकर दक्षिण भारत में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 2001 की जनगणना के आधार पर 2026 तक परिसीमन स्थगित किया था, ताकि किसी राज्य के साथ अन्याय न हो। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि भविष्य में भी संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण के लिए योजनाओं का उल्लेख
भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए तीन तलाक कानून, उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जनधन योजना, मुद्रा लोन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं को अहम बताया।
महिलाएं अब निर्णायक शक्ति
नेताओं ने कहा कि देश की महिलाएं इस पूरे घटनाक्रम को समझ रही हैं और आने वाले समय में इसका जवाब देंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मुद्दा अब संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जन-जन तक पहुंचेगा और हर चुनाव में विपक्ष को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
समापन में भाजपा नेताओं ने कहा कि दिखने वाली जीत कई बार अहंकार से उपजी बड़ी हार साबित होती है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी महिला सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नारी शक्ति अब देश के भविष्य को तय करने वाली निर्णायक ताकत बन चुकी है।

