कटनी,बाणसागर तालाब डूब क्षेत्र के भूमिहीन परिवार 46 वर्ष बाद भी न्याय की प्रतीक्षा में – विजयराघवगढ़,के मजदूर परिवारों को आबादी जमीन देने की मांग
मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी,ग्राम पिपरा, चोर कनेरा (विजयराघवगढ़) में खाली पड़ी आबादी भूमि पर घर बनाने की अनुमति की मांग, मुख्यमंत्री और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कटनी, 10 अप्रैल 2026 – बाणसागर बहुउद्देशीय परियोजना के डूब क्षेत्र से प्रभावित हजारों परिवारों की पीड़ा अब भी कम नहीं हुई है। परियोजना के शिलान्यास को 46 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन प्रभावितों को पूर्ण मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास नहीं मिल पाया है। इसी कड़ी में कटनी जिले के दो भूमिहीन मजदूर परिवारों ने माननीय मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्राम पिपरा, चोर कनेरा (तहसील विजयराघवगढ़) में उपलब्ध खाली आबादी भूमि आवंटित करने और घर बनाने की अनुमति देने की मांग की है।
ज्ञापन में निवेदक दसई कोल (मोबाइल: 6265710694 82238001) ने बताया कि उनके परिवार समेत कई ग्रामवासी मूल रूप से बाणसागर तालाब के डूब क्षेत्र में निवास करते थे। परियोजना निर्माण के समय उनकी भूमि जलमग्न हो गई और उन्हें बेदखल कर दिया गया। तब से आज तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही वैकल्पिक कृषि भूमि या आवासीय पट्टा प्रदान किया गया।
समस्या की गंभीरता
वर्तमान में ये परिवार तालाब के किनारे अस्थायी झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे हैं। बरसात के मौसम में आए दिन बाढ़ का पानी घरों में घुस जाता है, जिससे परिवार बार-बार बेघर हो जाते हैं। निवेदक ने बताया, “हम सभी गरीब मजदूर परिवार हैं। भूमिहीन होने के कारण आजीविका के लिए पलायन करना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और दैनिक जीवन में भारी कष्ट उठाना पड़ रहा है।”
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि दो भूमिहीन मजदूर परिवारों को ग्राम पिपरा और चोर कनेरा में खाली पड़ी आबादी की जमीन आवंटित की जाए तथा घर/मकान बनाने की अनुमति दी जाए। यह उनके स्थायी पुनर्वास और आजीविका के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बाणसागर परियोजना का पुराना विवाद
बाणसागर परियोजना से कटनी, सतना और शहडोल जिलों के कुल 349 गांव प्रभावित हुए थे। प्रभावित किसानों को भूमि की श्रेणी के अनुसार मात्र 1500 से 2500 रुपये प्रति इकाई का बेहद कम मुआवजा दिया गया। कई गांवों में मुआवजा आज भी अधूरा है और पुनर्वास की प्रक्रिया लंबित है। विजयराघवगढ़ तहसील के कई गांवों (कोनिया, कुदरी, उबरा आदि) में भी यही स्थिति बनी हुई है। प्रभावित परिवार लंबे समय से पूर्ण न्याय की मांग करते आ रहे हैं।
निवेदकों ने अपील की है कि मध्य प्रदेश शासन बाणसागर डूब क्षेत्र के शेष प्रभावित भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता दे और उपलब्ध आबादी भूमि पर तत्काल आवंटन कर उन्हें स्थायी बसावट प्रदान करे।
निवेदक का बयान
दसई कोल ने कहा, “हम बाणसागर परियोजना के लंबे समय से प्रभावित परिवार हैं। शासन से न्याय की आशा रखते हैं कि हमारे दो परिवारों को आबादी की जमीन देकर घर बनाने की अनुमति दी जाए। इससे हमारा पलायन रुकेगा और हम स्थायी रूप से बस सकेंगे।”यह ज्ञापन ROOM/016/2026 दिनांक 10 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय भोपाल और कलेक्टर कार्यालय कटनी को भेजा गया है। प्रभावित परिवार अब शासन स्तर से शीघ्र कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

