कटनी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बच्चैया में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, जच्चा-बच्चा की जान जोखिम में

 कटनी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बच्चैया में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, जच्चा-बच्चा की जान जोखिम में

कटनी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बच्चैया में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, जच्चा-बच्चा की जान जोखिम में

मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी (मध्य प्रदेश), [दिनांक] –10/3/2026 जिला कटनी के विकासखंड बहोरीबंद अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बच्चैया (बया) में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और प्रसव संबंधी व्यवस्थाओं की बुरी हालत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। स्थानीय निवासी सौरभ मिश्रा ने माननीय कलेक्टर महोदय को पत्र लिखकर अस्पताल की दयनीय स्थिति का खुलासा किया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।पत्र के अनुसार, यह स्वास्थ्य केंद्र पिछले दो वर्षों (2024 से) से खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. आनंद अहिरवार के वित्तीय प्रभार में है,लेकिन उन्होंने बार-बार सूचनाओं के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया। अस्पताल में पानी की सप्लाई एक साल से पूरी तरह बंद पड़ी है, इन्वर्टर खराब है और पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। गर्भवती महिलाओं के शौचालय में बाल्टी से पानी परिजनों को खुद पहुंचाना पड़ता है।यह केंद्र 30-40 गांवों की लगभग 40 ग्राम की जनसंख्या के लिए प्रसव केंद्र के रूप में कार्यरत है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में प्रसव रात के समय टॉर्च या मोबाइल की रोशनी में कराए जाते हैं। इससे जच्चा-बच्चा की जान को लगातार खतरा बना रहता है। प्रसव के बाद महिलाएं खाने-पीने की अव्यवस्था के कारण अस्पताल में एक दिन भी नहीं रुकना चाहतीं।अस्पताल के आसपास घना झाड़-झंकार होने से रात में सांप-बिच्छू आने की आशंका बनी रहती है और कई बार ऐसे जीव अस्पताल में प्रवेश कर चुके हैं। बिजली चली जाने पर पूरे अस्पताल में अंधेरा छा जाता है, कोई बैकअप व्यवस्था नहीं है। यहां मात्र दो ही स्टाफ सदस्य तैनात हैं, जिससे आपात स्थिति में कोई सहायता उपलब्ध नहीं हो पाती।

शिकायतकर्ता सौरभ मिश्रा ने आरोप लगाया है कि बीएमओ को इन सभी समस्याओं की पूरी जानकारी होने के बावजूद कोई कार्य नहीं

कराया गया, जो उनकी मानवीय संवेदनाओं पर सवाल उठाता है। उन्होंने इसे जानबूझकर की गई लापरवाही करार दिया है। पत्र में मांग की गई है कि या तो अस्पताल को बंद कर दिया जाए ताकि महिलाएं अन्य सुरक्षित केंद्रों में प्रसव करा सकें, या बिजली, पानी, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तत्काल प्रबंध किया जाए। साथ ही बीएमओ के खिलाफ विभागीय जांच कर उन्हें पद से हटाया जाए।यह मामला जिले में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को उजागर करता है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब प्रसव घर पर ही कराना सुरक्षित लगने लगा है।प्रशासन से अपेक्षा है कि इस शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं और नवजातों की जान को जोखिम से बचाया जा सके।

कटनी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बच्चैया में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, जच्चा-बच्चा की जान जोखिम में


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