स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को संजोना हमारा कर्तव्य: भोपाल में सेनानी परिवारों का भावपूर्ण आयोजन

 स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को संजोना हमारा कर्तव्य: भोपाल में सेनानी परिवारों का भावपूर्ण आयोजन

स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को संजोना हमारा कर्तव्य: भोपाल में सेनानी परिवारों का भावपूर्ण आयोजन

मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी।भोपाल स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों और सेनानियों की विरासत को जीवंत रखने तथा महात्मा गांधी के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार कांग्रेस प्रकोष्ठ ने भोपाल में दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मार्गदर्शन और प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अजय सीतलानी के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों और उत्तराधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।कार्यक्रम के पहले दिन प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व मंत्री दिलीप राजपाल सिंह उपस्थित रहे। अध्यक्षता 116 वर्षीय वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी स्वामी लेखराज सिंह चौहान ने की, जबकि विशिष्ट अतिथियों में प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले, सेवादल के मुख्य संगठक अविनाश भार्गव और प्रकोष्ठ प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान शामिल थे।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और देशभक्ति गीत वंदे मातरम की सामूहिक गान से हुई। अतिथियों ने अपने उद्बोधनों में स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी कुर्बानियों को याद किया। मुख्य अतिथि सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी के अहिंसा, सत्य और स्वराज के विचार आज पूरी दुनिया में आत्मसात किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांधी जी के विचारों को आज विश्व के लगभग 400 करोड़ लोग मानते हैं और उनकी प्रतिमा 150 से अधिक देशों में स्थापित है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के वंशजों को समाज में सर्वोच्च सम्मान का हकदार बताया।इस अवसर पर विशेष रूप से 116 वर्षीय स्वामी लेखराज सिंह चौहान का सम्मान किया गया, जिनकी सात पीढ़ियों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। उनके पूर्वज बेधराज सिंह 1857 की क्रांति में शहीद हुए थे, जबकि 1919 में पूर्ण सिंह और माड़े सिंह ने भी बलिदान दिया। साथ ही 103 वर्षीय पांडु राग गणपत सिंधे को भी सम्मानित किया गया।कटनी जिले से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशज राकेश जैन 'कक्का', सुरेंद्र दुबे और शहजाद खान भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनके साथ शाहिद भाई, शहजाद भाई, सत्यम साहू और नारायण साहू ने भी सक्रिय भागीदारी की।दूसरे दिन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) पर जवाहर चौक में प्रकोष्ठ अध्यक्ष अजय सीतलानी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के सदस्यों ने श्रद्धांजलि सभा में भाग लिया। इस दौरान पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा और अविनाश भार्गव सहित अन्य प्रमुख नेता उपस्थित रहे। सभी ने बापू के आदर्शों पर चलने और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।यह Spray न केवल स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करने का माध्यम बना, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को गांधीवादी मूल्यों से जोड़ने का भी प्रयास रहा। कार्यक्रम में उपस्थित वंशजों ने कहा कि सेनानियों की कुर्बानियां आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं और इन्हें सहेजना हर भारतीय का दायित्व है।

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