सुदामा चरित्र जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की हमें सीख देता है:श्री मुरारीदास महाराज। खम्हरिया नं.1 में चल रही भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण,सुदामा का प्रसंग।

 सुदामा चरित्र जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की हमें सीख देता है:श्री मुरारीदास महाराज। खम्हरिया नं.1 में चल रही भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण,सुदामा का प्रसंग।

सुदामा चरित्र जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की हमें सीख देता है:श्री मुरारीदास महाराज। खम्हरिया नं.1 में चल रही भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण,सुदामा का प्रसंग।

मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ कटनी,रीठी। विकासखंड रीठी के ग्राम खम्हरिया नं.1 में बाबा हरिदास जी के बंगले में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक श्री मुरारीदास ने  श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा चरित्र कथा का वर्णन किया। श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन पूज्य व्यास जी ने सुदामा चरित्र व सुखदेव विदाई का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मित्रता में गरीबी और अमीरी नहीं देखनी चाहिए। मित्र एक दूसरे का पूरक होता है। भगवान कृष्ण ने अपने बचपन के मित्र सुदामा की गरीबी को देखकर रोते हुए अपने राज सिंहासन पर बैठाया और उन्हें उलाहना दिया कि जब गरीबी में रह रहे थे तो अपने मित्र के पास तो आ सकते थे, लेकिन सुदामा ने मित्रता को सर्वोपरि मानते हुए श्रीकृष्ण से कुछ नहीं मांगा।उन्होंने बताया कि सुदामा चरित्र हमें जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की सीख देता है। सुदामा ने भगवान के पास होते हुए अपने लिए कुछ नहीं मांगा। अर्थात निस्वार्थ समर्पण ही असली मित्रता है। कथा के दौरान परीक्षित मोक्ष व भगवान सुखदेव की विदाई का वर्णन किया गया। कथा के बीच-बीच में भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य भी किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला पुरुष श्रोता मौजूद थे। कथा वाचक ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण से मन आत्मा को परम सुख की प्राप्ति होती है।भागवत में बताए उपदेशों उच्च आदर्शों को जीवन में ढालने से मानव जीवन जीने का उद्देश्य सफल हो जाता है। सुदामा चरित्र के प्रसंग में कहा कि अपने मित्र का विपरीत परिस्थितियों में साथ निभाना ही मित्रता का सच्चा धर्म है! मित्र वह है जो अपने मित्र को सही दिशा प्रदान करे,जो कि मित्र की गलती पर उसे रोके और सही राह पर उसका सहयोग दे। इस अवसर पर,शिव चरण यादव,रामभगत यादव,नरेश यादव,प्रीतम यादव,रामनाथ यादव अमृत लाल यादव, गजराज यादव,प्रहलाद यादव,कोमल यादव,विशाली यादव,सुक्खी लाल यादव,मोती लाल यादव,निर्भय यादव, रामदास यादव,त्रिलोक यादव, ज्ञानचंद यादव,गर्जन यादव, शरद यादव, लखन यादव,पुरुषोत्तम यादव, संतोष यादव सहित ग्रामवासियों की उपस्थिति रही।

आयोजक,बाबा हरिदास सेवा समिति खम्हरिया नं.1, तह. रीठी जिला कटनी (म. प्र.)

सुदामा चरित्र जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की हमें सीख देता है:श्री मुरारीदास महाराज। खम्हरिया नं.1 में चल रही भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण,सुदामा का प्रसंग।


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