सामाजिक समरसता से ही होगाभेदभावख़त्म-अजाक्स अजाक्स के नवागत प्रदेश अध्यक्ष श्री वर्मा के बयानों को तोड मरोड़ कर किया गया पेश, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मीडिया ट्रायल रोकने की माँग

 सामाजिक समरसता से ही होगाभेदभावख़त्म-अजाक्स अजाक्स के नवागत प्रदेश अध्यक्ष श्री वर्मा के बयानों को तोड मरोड़ कर किया गया पेश, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मीडिया ट्रायल रोकने की माँग

सामाजिक समरसता से ही होगाभेदभावख़त्म-अजाक्स अजाक्स के नवागत प्रदेश अध्यक्ष श्री वर्मा के बयानों को तोड मरोड़ कर किया गया पेश, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मीडिया ट्रायल रोकने की माँग

कटनी-मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़। प्रदेश के भोपाल मे आयोजित हुए अजाक्स के अधिवेशन के दौरान 23 नवम्बर 2025 को नवनियुक्त प्रान्ताध्यक्ष संतोष वर्मा (आई०ए०एस०) के बयानो को गलत तरीके से सोशल मीडिया मे पेश किया गया है।शुक्रवार की देर शाम डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर 5 मांगे ज्ञापन के माध्यम से जिला अजाक्स  एवं जयस ने की है। बताया गया कि आईएएस संतोष वर्मा अनुसूचित जनजातीय वर्ग से आते है उनके द्वारा सामाजिक समरसता स‌द्भाव और जातिवाद उन्मूलन की दिशा में एक सकारात्मक संवैधानिक एवं डॉ.बाबा साहब की विचारधारा पर आधारित उ‌द्बोधन दिया गया था।उनका वक्तव्य रोटी बेटी के संबंधो द्वारा सामाजिक एकता हिन्दू एकता तथा जाति पाती से ऊपर उठकर मानवता एवं संविधान को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देते है। किन्तु कुछ तथाकथित समाज विरोधी तथ्य दलित एवं आदिवासी विरोधी मानसिकता रखने वाले समूह तथा निजी स्वार्थ से प्रेरित संगठन आईएएस वर्मा के उद्बोधन को जानबूझकर तोड मरोड़ कर भ्रामक तरीके से सामाजिक वेगनस्यता फैलाने हेतु प्रस्तुत कर रहे है। यह बड़ी गम्भीर चिन्ता का विषय है कि बिना उचित विचार विमर्श तथ्यों की निष्पक्ष जांच एवं कानूनी प्रक्रिया अपनाये बिना श्री वर्मा (आई०ए०एस०) को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। जो प्रदेश में यह सन्देश देता है कि यह संविधान के अनुच्छेद 14. 15. (4), 16(4) 21, 38(2) एवं 46 की के विपरीत है जो सामाजिक न्याय समानता एवं संरक्षण की गारण्टी देते है।संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन मे अजाक्स द्वारा 5 मांगे भी रखी गई है जिसमे बताया गया कि  संतोष वर्मा (आई०ए०एस०) प्रान्ताध्यक्ष अजाक्स संघ म०प्र० के विरूद्ध जारी कारण बताओं नोटिस तत्काल प्रभाव से वापिस लिया जायें।समाज में जाति तनाव एवं वेमनस्य फैलाने वाले व्यक्तियों/ समूहो के विरूद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजातीय, (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायें। मीडिया ट्रायल कर रहे समाचार पत्र को चेतावनी दी जायें तथा तथ्यात्मक संवैधानिक एवं संतुलित पत्रिकारिता के लिये निर्देशित किया जायें। शासन एक स्वतंत्र समिति गठित कर प्रकरण की जाँच सुनिश्चित कर आदिवासी दलित एवं वंचित वर्ग के वरिष्ठ अधिकारियों को बिना कारण प्रताड़ित न किया जायें साथ ही सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता के संवर्धन हेतु "अनुलोम विलोम विवाह योजना" को अधिक संशक्त रूप में लागू किये जाने की माँग ज्ञापन के माध्यम से की गई है।इस दौरान- अजाक्स के प्रदेश संयुक्त सचिव  सोहन लाल चौधरी, रवि कोल,अजय कोल, सोनू बेन, योगेश कोल,दरियाव सिंह, सुदर्शन कुडे, अरविंद सिंह पेद्रो,सुग्रीव सिंह मरावी, अमित कुनडे,राजकुमार चौधरी , सुलोचना सिंह, विमला रैदास, चंद्रभान बौद्ध, नागेंद्र अहिरवार, जय सूर्यवंशी, सुभास कुमार चौधरी, योगेश छिपले,अजय पटेल,तीर्थ प्रसाद चौधरी, अशोक कुमार चौधरी सत्यपाल सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।अतः संघ का विनम्र अनुरोध है कि सरकार इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुये सामाजिक सौहार्द्र संवैधानिक सम्मान और न्याय की रक्षा सुनिश्चित करें। यदि समय रहते न्याय पूर्ण समाधान न हुआ तो प्रदेश के एससी/एसटी,समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से सड़को पर उतरने के लिये बाध्य होगे

सामाजिक समरसता से ही होगाभेदभावख़त्म-अजाक्स अजाक्स के नवागत प्रदेश अध्यक्ष श्री वर्मा के बयानों को तोड मरोड़ कर किया गया पेश, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मीडिया ट्रायल रोकने की माँग


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