कटनी जिला अस्पताल में मरीजों को भोजन में लापरवाही, ठेकेदार पर अनुबंध तोड़ने का आरोप

 कटनी जिला अस्पताल में मरीजों को भोजन में लापरवाही, ठेकेदार पर अनुबंध तोड़ने का आरोप

कटनी जिला अस्पताल में मरीजों को भोजन में लापरवाही, ठेकेदार पर अनुबंध तोड़ने का आरोप

मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़कटनी, 16 अगस्त 2025: कटनी जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार भोजन और पोषण सामग्री न मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल भोजनालय के प्रभारी लिपिक ने सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा को लिखित शिकायत सौंपकर ठेकेदार की लापरवाही और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन को उजागर किया है। इस शिकायत ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, विशेषकर तब जब गर्भवती माताओं और सामान्य मरीजों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा है।

ठेका नियमों की अनदेखी, मरीजों की सेहत से खिलवाड़ 

शिकायत के अनुसार, “राज तिवारी – मेसर्स रघुकुल सामाजिक सेवा एवं मानव कल्याण संस्थान, शहडोल” को 9 जुलाई 2025 से अस्पताल में भर्ती मरीजों को भोजन, दूध, चाय, नाश्ता और अन्य पोषण सामग्री उपलब्ध कराने का ठेका दिया गया था। लेकिन ठेकेदार द्वारा न तो अनुबंध की शर्तों का पालन किया जा रहा है और न ही भोजन की समय-सारणी और पोषण मात्रा का ध्यान रखा जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि ठेकेदार की यह लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है।

गर्भवती माताओं को अपर्याप्त पोषण

गर्भवती माताओं के लिए पोषण की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि फलों का वितरण केवल पहले तीन दिनों तक ही हुआ, जिसके बाद यह व्यवस्था बंद कर दी गई। अनुबंध में निर्धारित 100 ग्राम गुड़ लड्डू के बजाय माताओं को केवल 40-50 ग्राम के लड्डू दिए जा रहे हैं, और मेवे की मात्रा न के बराबर है। इसके अलावा, दिन में दो बार 200 मिलीलीटर दूध देने की शर्त के बावजूद केवल एक बार दूध दिया जा रहा है, और वह भी मात्र 200 मिलीलीटर। शाम का दूध वितरण पूरी तरह बंद है।

सामान्य मरीजों को भी खराब स्थिति  

सामान्य मरीजों को भी भोजन की गुणवत्ता और समयबद्धता के मामले में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह की चाय, जो समय पर दी जानी चाहिए, 9 बजे के बाद दी जा रही है, और वह भी केवल उन मरीजों को जो अपने ग्लास लाते हैं। नाश्ता 10 बजे के बाद परोसा जा रहा है, जिसमें न तो निर्धारित मात्रा का ध्यान रखा जा रहा है और न ही प्लेट की व्यवस्था है। दोपहर और रात के भोजन में रोटी, दाल और सब्जी की मात्रा बेहद कम और गुणवत्ता निम्न स्तर की है। मरीजों को बिना थाली के भोजन परोसने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

प्रबंधन में अनियमितता, ठेकेदार की जवाबदेही गायब 

शिकायत में ठेकेदार की अनुपस्थिति और प्रबंधन में लापरवाही को भी रेखांकित किया गया है। ठेकेदार स्वयं अस्पताल में मौजूद नहीं रहते, जिसके कारण कर्मचारियों को उचित निर्देश नहीं मिल रहे। कर्मचारियों को सुधार के लिए निर्देश देने के बावजूद कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा, मरीजों को भोजन वितरण का रजिस्टर तक नहीं बनाया जा रहा, और नर्सिंग स्टाफ द्वारा भोजन की गुणवत्ता और मात्रा का सत्यापन भी नहीं हो रहा है। यह स्थिति अस्पताल प्रशासन की निगरानी में कमी को दर्शाती है।

अस्पताल प्रशासन पर सवाल

इस मामले ने जिला अस्पताल के प्रशासनिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मरीजों के स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित इतने महत्वपूर्ण अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन न केवल ठेकेदार की लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि अस्पताल प्रशासन की निगरानी और जवाबदेही की कमी को भी उजागर करता है। मरीजों और उनके परिजनों में इस स्थिति को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है।

आगे की कार्रवाई की मांग

प्रभारी लिपिक की शिकायत के बाद अब सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। मरीजों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और मरीजों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित किया जाए। इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता जाहिर है ताकि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ और खिलवाड़ न हो।

कटनी जिला अस्पताल में मरीजों को भोजन में लापरवाही, ठेकेदार पर अनुबंध तोड़ने का आरोप

    मध्य प्रदेश समाचार न्यूज़ संपादक श्यामलाल सूर्यवंशी


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